गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज बिंदवालिया के प्रांगण में कुशवाहा समाज की एक बैठक संपन्न हुई। सर्वप्रथम पर्यावरण दिवस पर समाज के नेताओं ने वृक्ष लगाकर पर्यावरण संतुलन का संदेश देने के बाद "समाज की दशा और दिशा" को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में समाज के लोगों ने समाज के उत्थान और संगठन पर चर्चा करते हुए कहा कि जनपद में कुशवाहा की संख्या होने के बावजूद भी कुशवाहा एकजुटता का परिचय नहीं दे पाया है लेकिन अब हमें एकजुटता का परिचय देते हुए राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा नेता एवं पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि समाज की एकजुटता ही समाज की दिशा और दशा को बदल सकता है, यदि समाज एकजुट हो कर ही अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है। इसलिए समाज के युवा साथी समाज के लिए अपना योगदान प्रदान करें।
विशिष्ट अतिथि एवं कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव डॉ जनक कुशवाहा ने कहा कि कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी एकजुट होकर के यदि समाज की दिशा तय करें तो उत्तर प्रदेश में सरकार बना सकते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग जिलों में वह एकजुटता का परिचय नहीं दे रहा है। लेकिन वह समय आ गया है जब समाज के सभी लोग एकजुट हो जाएं तो हम उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में कामयाब होंगे। संगठन का नेतृत्व निष्पक्ष लोगों के हाथ में देकर समाज की एक अलग छवि बनाने का प्रयास होना चाहिए।
कुशवाहा महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष देवनाथ कुशवाहा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि समाज विभिन्न प्रकार का संगठन बनाकर बंटा हुआ है, परंतु अब समय आ गया है कि सबको एक होकर एक नया संगठन बनाकर समाज की दशा और दिशा को तय किया जाए।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से बसपा के जिला महासचिव अखिलेश्वर कुशवाहा, कुशवाहा महासभा के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा, आदित्य कुशवाहा, देवेंद्र कुमार मौर्य, नरेंद्र कुशवाहा जिला सचिव सपा, अरविंद कुशवाहा, धनंजय कुशवाहा, रामजीत कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, अवधेश कुशवाहा, अच्छेलाल कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, अभिमन्यु कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, मंगल कुशवाहा, गंगासागर कुशवाहा, रामदयाल कुशवाहा, रविंद्र कुशवाहा, हिमांशु मौर्या, अखिलेश मौर्या, अजय कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवनाथ कुशवाहा तथा संचालन रामजीत कुशवाहा ने किया। सभा के अंत में भदौरा ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामा शंकर कुशवाहा जी के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।